सुकरात के अनुसार सफलता का सूत्र क्या है?

एक बार को बात है। एक नौजवान लड़के ने सुकरात से पूछा कि सफलता का रहस्य क्या है? सुकरात ने उस लड़के से कहा कि इसका जवाब में तुम्हे कल बताऊंगा। तुम कल मुझे नदी के किनारे मिलो। अगले दिन वो लड़का नदी के किनारे सुकरात से मिलने पहुंच गया। फिर सुकरात ने नौजवान से … Read more

किस स्त्री का बुद्धिमान मनुष्य को त्याग कर देना चाहिए – Chankya Niti In Hindi

Hello दोस्तों, आज हम आपको आचार्य चाणक्य के बारे में बताएंगे और उनके द्वारा लिखी गयी Chankya Niti के बारे में बात करेंगे। आचार्य चाणक्य राजा चंदरगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। अपनी कुटिल नीतियों के कारण उन्हें कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता था। उनकी सादगी का पता इस बात से चलता है की … Read more

100+ Motivational quotes in hindi

Hello दोस्तोंLife में motivate रहना बहुत जरूरी है इसीलिए आज हम आपके साथ share करने जा रहे है List of 100+ Motivational quotes in hindi. Best Motivational status in hindi आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो। अच्छे जरूर बनिए लेकिन साबित करने की कोशिश … Read more

How to be successful one thing सफल बनने का राज़

one thing

Hello दोस्तों, क्या आप अपनी life में successful होना चाहते है? अगर आपका जबाब हाँ है तो आप ये post पढ़ सकते है क्योकि आज इस post में मैं आपको बताने जा रहा हु की आप successful कैसे हो सकते है। तो दोस्तों आपको life में एक ही चीज सफल बना सकती है और वो … Read more

Karoly Takacs की Motivational Story in Hindi

Karoly Takacs

Hello दोस्तों!

Karoly Takacs का जन्म 21 January 1910 को हुआ था। वो एक army officer थे।  ये उनकी real-life story है। ये बात है सन 1938 की। एक  Hungarian आदमी की जिसका नाम था Karoly Takacs. आपने शायद उसके बारे में सुना होगा या नहीं but वो अपनी  country (Hungary) में  National hero है जिसकी कहानी हर कोई जानता है। अगर आप नहीं जानते है तो हम आपको बता दे की वो  अपनी  country का best pistol shooter था।

Karoly Takacs एक  Army man था। Hungary में जितनी भी  national championships हुई थी उसको वो जीत चुका था और सभी जानते थे की 1940 में Tokyo में जो Olympics होने वाले है उसमे  gold medal Karoly ही जीतेगा। उसने सालो से training की थी और उसका एक ही सपना Olympics में  gold जितने का।

पर शायद कुछ और ही होने वाला था जिससे  Karoly Takacs की life change होने वाली थी। 1938 में एक army का training camp चल रहा था और वहाँ training करते  time एक grenade उनके right-hand में फट गया जिससे उनका right-hand पूरी तरह से  damage हो गया। उसने जो सपना देखा था वो सपना टूट गया। सब ख़त्म हो गया था।

अब उनके पास 2 रास्ते थे। पहला ये की पूरी ज़िन्दगी रोता रहे के मेरा हाथ नहीं है और दूसरा ये के अपना goal पूरा करे। तो उन्होंने चुना दूसरा रास्ता अपना  goal पूरा करने का। तो बात आती है के अपना सपना कैसे पूरा करे। तो उसने उसपे focus नहीं किया जो चला गया था जो उसका best shooting hand था।

उसने  focus किया उसपे जो उसके पास था उसका  left and only left hand. एक month तक hospital में उनका इलाज़ चला और उसके बाद वो उतर गए मैदान में  तैयारी करने के लिए। किस चीज़ की तैयारी के लिए? अपने   only left hand को  दुनिया का best shooting hand बनाने की तैयारी के लिए ।

Karoly Takacs in Olympics

एक साल तक Karoly Takacs ने कड़ी मेहनत की। उसी  time Hungary में  1939 में  national games चल रहे थे। एक से बढ़कर एक shooters वहाँ आये हुए थे।  Karoly भी वहां पहुँचे। जब वो वहाँ  पहुँचे तो वाकि  players उन्हें congratulate करने के लिए वहां पहुँचे और यहाँ आने के लिए उनका  thanks बोलने  लगे। साथ ही साथ ये भी कहा के ये देखो, ये होती है sportsman spirit इतना कुछ होने के बाद भी अभी आप यहाँ हम players का  हौसला बढ़ाने आये हो।

But उन्होंने कहा मै हौसला बढ़ाने नहीं तुम लोगो से  compete करने आया हूँ। तो ये सुन के सब हैरान हो गए क्युकी कोई नहीं जानता था के Karoly Takacs पिछले एक साल से अपने left-hand से training कर रहा था।  Karoly Takacs वो games जीत गया। वाकि सभी players अपने  best hand से compete कर रहे थे और Karoly अपने only left-hand से।  इसके बाबजूद वो जीत गए और सबको अचम्भे में डाल दिया।

Karoly Takacs
source

वो यहाँ नहीं रुके। अब Karoly Takacs का focus था 1940 के Olympics पर। उनका goal clear था, Olympics में gold जीतने का। लेकिन Karoly को झटका तब लगा जब उनको पता चला के 1940 के Olympics cancel हो गए है world war 2 की वजह से।

तो अब उन्होंने अपना सारा  focus उठा के डाल दिया 1944 में होने वाले Olympics पर। अब इस बार भी Olympics cancel हो गए world war 2 की वजह से। पर इस बात से भी Karoly ने हिम्मत नहीं हारी और उन्होंने अपना सारा focus उठा के डाल दिया 1948 में होने वाले Olympics पर।

अब 1938 में उनकी age थी 28 और 1948 में Karoly की age 38 के आस पास हो गई थी। और इस Olympics में जो players compete कर रहे थे वो उनसे काफी young थे और young players से compete करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।  but मुश्किल नाम का word था ही नहीं Karoly की dictionary में।  Match हुए उन्होंने compete किया और वाकी सभी players को हरा के gold medal अपने नाम किया।

आपको याद दिला दे के Karoly Takacs अपने only hand(left hand) से compete कर रहे थे और वाकी players अपने  best hand से।

लेकिन Karoly Takacs यहाँ भी नहीं रुके! अब उन्होंने अपना सारा focus उठा के डाल दिया 1952 में होने वाले Olympics पर और यहाँ भी उन्होंने gold अपने नाम किया history रच दी | इस से पहले इस Competition में किसी player ने 2 gold medals नहीं जीते थे.

अगर आप किसी looser के पास जाओ तो उनके पास thousand of reasons होंगे किसी काम को न करने के पर अगर आप किसी winner को देखो तो उस winner के पास हजार न सही पर एक ही बजह काफी होगी अपना goal achieve करने की। यहाँ पर click करके आप 7 Best Motivational books की List देख सकते है।

So friends कैसी लगी आपको ये “Karoly Takacs की Motivational Story“. शायद इसको पढने के बाद आप लोग Karoly Takacs को नहीं भूल पायेंगे|
ऐसी ही एक और लड़की थी जिसका नाम था Wilma Rudolph. उनकी लाइफ भी आपको inspire करेगी| आप उनके बारे में भी यहाँ पढ़ सकते है Wilma Rudolph की Motivational Story

तो दोस्तों अपना goal set करो. अपने आप को हमेशा अपने goal की तरफ focus रखो | आपको कामयाबी जरूर मिलेगी |

दोस्तों में आपको एक book recommend करना चाहता हूँ  इसको आप जरूर पढ़िए जिसका नाम है  “The One Thing” आप चाहे  तो ये  book online खरीद सकते है amazon या  Flipkart से या बाहर कहीं किसी  book shop से। जितनी बार आप इस book को पढ़ेंगे उतना ही आप अपनी concentration power improve करते जाओगे|

दोस्तों karoly takacs story in hindi को आगे जरूर share कीजियेगा |

धन्यबाद

Wilma Rudolph की Motivational Story

Wilma Rudolph Biography

Hello दोस्तो!

मंजिले उन्ही को मिलती है जिनके सपनो में जान होती है, पंखो से कुछ नहीं होता होसलो से उडान होती है।

दोस्तो, क्या आपने Wilma Rudolph का नाम सुना है? आज हम आपको Wilma Rudolph की Motivational story के बारे में बताने जा रहे हैं।

Wilma Rudolph कौन थी ?

अगर आप जानना चाहते है की विल्मा रूडोल्फ कौन थी तो आपको बता दे Wilma Rudolph एक ऐसी लड़की थी जिसको बचपन में ही पोलियो हो गया था और साथ ही साथ  “Double Pneumonia” और “Scarlet Fever” जैसी खतरनाक बिमारियों ने उनको घेर लिया था।

पोलियो की वजह से उनके left पैर ने काम करना बंद कर दिया था पर इस सब के बावजूद उन्होंने 1960 के Olympics में 1 नहीं 2 नहीं बल्कि पुरे 3 Gold Medals जीते और वो भी जानते है किस sports में? Running me. जी हाँ दोस्तो आपने सही पढ़ा Running में।

अब सोचने वाली बात ये है कि जो लड़की ठीक से चलने में भी सक्षम नहीं थी वो लड़की running में gold medal कैसे जीत सकती है। तो आइये Wilma Rudolf के बारे में जानते हैं।

Wilma Rudolf का बचपन

Wilma Rudolf का जन्म America में  23 june 1940 को एक गरीब family में हुआ था।  Wilma Rudolf एक premature child थी। उनका जन्म वक़्त से पहले हो गया था। जन्म के time उनका वजन था 2kg से भी कम।

जबकि WHO(world health organization) के अनुसार एक स्वस्थ बच्चे का जन्म के time वजन 2.30kg से लेकर 3kg तक होता है। इसकी वजह से उनको कई अलग अलग बीमारियों ने घेर लिया था।

जब वो 4 साल की हुई तो उनको Polio हो गया। वो धीरे -धीरे Polio से  recover तो कर  गयी पर उन्होंने अपने  Left Foot और Leg की Strength खो दी थी। जिसकी बजह से  चलने के लिए  Wilma को Calipers का सहारा लेना पड़ा।

उस  Time America में नस्ल भेद या रंग भेद  चलता था। मतलब  गोरे और काले लोगों में भेदभाव करना। उस  time काले या अश्वेत लोगों के लिए हॉस्पिटल्स बहुत कम थे।

so Wilma की माँ को  Wilma के इलाज़ के लिए कम  से कम 50 miles (80 km) का सफर तय करना पड़ता था। पर doctors ने भी हार  मान ली और कहा के ये लड़की की बिना calipers के सहारा नहीं चल सकती।
Wilma Rudolph Biography

जब उसने  School जाना शुरू किया तो सब बच्चे खेलते तो उसका  भी मन खेलने को करता पर वो क्या करती उसको बहुत बुरा  लगता था।  एक बार class में उसने अपनी  teacher से running और  Olympics के बारे में पूछा तो सब बच्चे उस पर हॅसने लग पड़े और टीचर ने भी उसको कहा के तुम दौड़ तो सकती नहीं फिर क्यों पूछ रही हो।

जब  sports की class start हुई  तो सब  students खेलने लगे पर उसको  सबसे अलग कर दिया गया और उसी दिन उसने ठान लिया के  running करेगी और  Olympics में जीत के  दिखाएगी।

अगले ही दिन उसने  calipers को फेंक दिया  और  बिना किसी सहारे के चलने की कोशिश करने लगी। उसकी माँ ने भी उसे बहुत  support किया। शुरुवात ने उन्हें बहुत  दर्द हुआ।

बार- बार गिरने की वजह से कई चोटें भी लगी पर वो अपना  decision ले चुकी थी। वो अब अपनी life बदलना चाहती थी चाहे कुछ भी हो जाए। फिर वो left पैर में ऊँची एडी वाले जूते पहन के खेलने लगी।

Wilma Rudolf का Olympic का सफर

बाद में वो  ED Temple नाम के  Coach से मिली और उन्होंने अपना Olympic में गोल्ड मैडल जीतने  का  सपना बताया।  Coach उनके जज़्बे को देख कर बहुत खुश हुए और उसे कहा के अगर तुम्हारा इरादा बुलंद है तो तुम्हे कोई  भी नहीं रोक सकता है।

फिर धीरे धीरे उन्होंने अपनी  Training शुरू कर दी।  वो Collages में और बहुत सारी Race में भाग लेने लगी। वो हारती फिर दौड़ती  फिर हारती फिर दौड़ती और बहुत बार हारने के बाद अब वो जितने लगी। 

अब time था  1960 Olympics का।  Wilma इसमें भाग लेने के लिए पहुँच गयी। इस  Olympics में एक और Athlete लड़की जिसका नाम  था JUTTA HEIN. वो भी इस Olympics में दौड़ रही थी और उसको आज तक कभी भी हराया नहीं जा सका था। पर इस बार कुछ अलग होने वाला था।

Wilma ने  Jutta Hein को पहले  100 meter की  race में हरा के  gold medal अपने नाम किया फिर 200 meter और फिर  400 meter race में भी हरा दिया और 3 gold medal अपने नाम किये। ये एक  history बन गयी के जो लड़की बचपन में चल नहीं सकती कैसे वो दुनिया की सबसे तेज़ दौड़ने वाली लड़की बन गयी।

November 12, 1994 को Wilma Rudolf जी का निधन हो गया था। मौत की बजह  brain cancer थी और उस वक़्त उनकी उम्र  54 साल थी।

तो दोस्तों ये सब हुआ उनके पक्के इरादे से उनकी लगन से और उनके Focus से और जो था दुनिया की सबसे तेज़  runner बनने का। हम अपना मन बना ले किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के तो हमें पूरी मेहनत से जूट जाना चाहिए।

उम्मीद है आपको Wilma Rudolph की Motivational story से कुछ सिखने को मिला होगा। अगर आप Wilma Rudolph के बारे में ओर अधिक पढ़ना या जानना चाहते है तो आप ये book पढ़ सकते है। Wilma Rudolph: A Biography

दोस्तों में आपको एक book recommend करना चाहता हूँ  इसको आप जरूर पढ़िए जिसका नाम है  “The One Thing” आप चाहे  तो ये  book online खरीद सकते है  amazon या  Flipkart से या बाहर कहीं किसी  book shop से। जितनी बार आप इस book को पढ़ेंगे उतना ही आप अपनी  concentration power improve करते जाओगे और आपको अपनी  one thing मतलब अपना एक लक्ष्य ढूंढ़ने में मदद मिलेगी।

इस Motivational story को आगे जरूर share कीजियेगा |

धन्यवाद|

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